साध्वी निरंजन ज्योति बनीं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस) – पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता साध्वी निरंजन ज्योति को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें सरकार की ओर से राष्ट्रीय ओबीसी आयोग की अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस पर पूर्व सांसद ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।
साध्वी निरंजन ज्योति ने बुधवार को राष्ट्रीय ओबीसी आयोग की अध्यक्ष का पद ग्रहण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ग्रुप फोटो खिंचाई। इसके साथ ही, सभी के साथ एक बैठक भी की।
नवनियुक्त राष्ट्रीय ओबीसी आयोग की अध्यक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोस्तुते। नई दिल्ली में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। पिछड़े समाज के सम्मान, अधिकारों की रक्षा और उनके समग्र विकास के लिए समर्पित यह दायित्व प्रदान करने के लिए महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार।”
उन्होंने आगे लिखा, “राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का यह संकल्प है कि पिछड़े समाज को न्याय, सुरक्षा, सम्मान और विकास के समान अवसर प्राप्त हों। इसी भावना के साथ आयोग कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
बता दें कि साध्वी निरंजन ज्योति केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पहले दो कार्यकाल में मंत्री रही हैं। उन्हें 2014 में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री बनाया गया था। 2019 में दूसरी बार सरकार बनने पर साध्वी निरंजन ज्योति को ग्रामीण विकास मंत्रालय (राज्य मंत्री) की जिम्मेदारी सौंपी गई। 2021 में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय (राज्य मंत्री) में जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के पत्योरा गांव में निषाद बिरादरी में जन्मी साध्वी निरंजन ज्योति ने एक कथा वाचक के रूप में अपनी यात्रा प्रारंभ की। एक बार विधायक, दो बार सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री, निरंजनी अखाड़े में महामंडलेश्वर का सफर तय करने के बाद बुधवार को वह राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग की अध्यक्ष बन गयीं।
उनकी इस सफलता पर समर्थकों में खुशी और जश्न का माहौल है। हालांकि वह इस समय दिल्ली में हैं लेकिन जैसे ही लोगों को इस कामयाबी की जानकारी हुई लोग से उछल पड़े। तांबेश्वर नगर स्थिति आवास पर समर्थकों का आना-आना प्रारंभ हो गया, यहां से लोग उनके मूसानगर आश्रम भी जा रहे हैं।
बता दें कि 1 मार्च 1967 में उनका जन्म निषाद परिवार में हुआ था। यूं तो उनका जीवन कठिन संघर्षों से गुजरा है। लेकिन 1990 के दशक में वह राममंदिर आंदोलन में जुड़ी और एक प्रखर वक्ता के रूप में पहचान बनीं। वह संतश्री परमानंद जी महराज के आश्रम में उनकी शिष्या के रूप में रहीं और 2012 में पहली बार हमीरपुर सदर सीट से विधायक बनीं।
वर्ष 2014 व 2019 में फतेहपुर लोकसभा से सांसद बनीं और केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में देशभर में काम किया। अब उन्हें राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष के पद की जिम्मेदारी मिली है। राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि उनका जीवन समाज के अंतिम पायदान में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित रहा है। हमारे नेतृत्व ने जो अहम जिम्मेदारी दी है उसका निर्वहन पूरी निष्ठा व समर्पण भाव से किया जाएगा।

Mrs. Meenakshi Kashyap & Gurinder Kashyap with NCBC Chairperson Sadhvi Niranjan Jyoti

